Home राष्ट्रीय नियमानुसार क्या करेंगे, क्या नहीं करेंगे यह स्पष्ट होना चाहिये

नियमानुसार क्या करेंगे, क्या नहीं करेंगे यह स्पष्ट होना चाहिये

240
0


नियमानुसार क्या करेंगे, क्या नहीं करेंगे यह स्पष्ट होना चाहिये


ऊर्ज मंत्री श्री तोमर ने विभागीय समीक्षा में दिये निर्देश 


भोपाल : सोमवार, दिसम्बर 14, 2020, 20:34 IST

ऊर्जा विभाग से संबंधित सभी योजनाओं के लिये नियमानुसार क्या करेंगे, क्या नहीं करेंगे यह स्पष्ट होना चाहिए। इससे परे जाकर जो कार्य करे उसकी जवाबदारी फिक्स हो। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने यह निर्देश सोमवार को मंत्रालय में ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान दिये। श्री तोमर ने कहा कि किसानों को बिजली के अस्थाई कनेक्शन नियमानुसार समय-सीमा में दिये जायें। ओ.वाय.टी. योजना के अंतर्गत उच्च गुणवत्ता के ट्रांसफार्मर लगाये जायें। विद्युत वितरण कम्पनी के स्टोर से ही ट्रांसफार्मर देने की व्यवस्था की जाये।

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि ट्रांसफार्मर और बिजली मीटर किस आधार पर खरीदे गये हैं, इसकी पूरी जानकारी दें। उन्होंने कहा कि आगे से वास्तविक डिमांड के आधार पर ही इनकी खरीदी की जाये। जिस कम्पनी के मीटर टेस्टिंग में 5 प्रतिशत से ज्यादा खराब होते हैं, उन्हें ब्लेक लिस्ट करें। जितनी सामग्री खरीदने के आदेश हुए हैं, उतनी खरीदी हुई है कि नहीं, इसका परीक्षण कर एक सप्ताह में रिपोर्ट दें। स्क्रेप मटेरियल और कंडम वाहनों की नीलामी समय-सीमा में करें।

बचत के लक्ष्य का प्लान बनायें

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि कम्पनी में विभिन्न स्तर पर बचत करने के लिये एक साल का प्लान बनायें। इस प्लान का कड़ाई से पालन करें। वितरण हानि (लाइन लॉसेस) को कम करने की भी 6 माह की कार्य-योजना बनायें। मॉडल के तौर पर एक जिला/शहर का चयन कर वहाँ मीटर रीडिंग की पुख्ता व्यवस्था करें। मीटर रीडर ही वसूली का कार्य भी करे। बड़े बकायादारों की रात में मीटर रीडिंग की रिकार्डिंग की जाये और अनियमितता पर कार्यवाही की जाये। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि बड़े बकायादारों के विरुद्ध कार्यवाही करें। श्री तोमर ने कहा कि सौभाग्य योजना में गड़बड़ी करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाये। सभी गाँव में निर्धारित समय अनुसार बिजली की आपूर्ति की जाये।

निर्धारित दर पर आउटसोर्स कर्मचारियों को मिले वेतन

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि निरीक्षण के दौरान पाया गया है कि आउटसोर्स कर्मचारियों को निर्धारित दर के अनुसार वेतन नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत अमानवीय कार्य है। इस पर तुरंत रोक लगायें। दुर्घटना होने पर नियमित, संविदा एवं आउटसोर्स कर्मचारियों को तुरंत राहत दिलाई जाये। आउटसोर्स कर्मचारियों का बीमा भी नियुक्ति के तुरंत बाद करवायें। सभी कर्मचारियों को सुरक्षा के सभी उपकरण उपलब्ध करवाये जायें। आउटसोर्स कर्मचारियों की दुर्घटना में मृत्यु पर उनके परिवार के किसी व्यक्ति को आउटसोर्स में रखने का प्रावधान किया जाये। हर साल उनकी ट्रेनिंग करवायें। श्री तोमर ने कहा कि ऐसा कार्य करें कि आउटसोर्स कर्मचारियों को भी लगे कि कम्पनी हमारे प्रति संवेदनशील है। वितरण केन्द्र स्तर पर वाहन देने के साथ ही वहाँ के मेंटीनेंस के लिये भी राशि का प्रावधान करें। वितरण केन्द्रों का नियमित निरीक्षण भी सुनिश्चित करें। सभी कार्यालयों में बेहतर साफ-सफाई रखें।

आंकलित खपत पर बिलिंग बंद हो

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि पहले शहरी क्षेत्रों में आंकलित खपत पर बिलिंग करना बंद करें। इसके बाद ग्रामीण क्षेत्रों में क्रमश: इसे लागू करें। आवश्कतानुसार मीटर भी लगाये जायें।

उपभोक्ताओं से करें नियमित संवाद

ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि सभी स्तर के अधिकारी प्रतिदिन उपभोक्ताओं से संवाद करें। उन्होंने कहा कि मैं भी प्रतिदिन 10 उपभोक्ताओं से बात करूंगा। इससे विभागीय योजनाओं के बारे में सही फीडबैक मिलेगा। ऑनलाइन मिलने वाली शिकायतों का निराकरण समय-सीमा में किया जाये।

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि मेरी विधानसभा क्षेत्र के बिजली उपभोक्ताओं की जानकारी दें। मैं उन्हें बिजली बिल समय पर देने की समझाइश दूँगा। प्रयोग सफल होने पर इसे अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जायेगा। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि मैं ईमानदार और कर्त्तव्यनिष्ठ अधिकारियों-कर्मचारियों को हमेशा सम्मान दूँगा। इस दौरान सचिव ऊर्जा श्री आकाश त्रिपाठी एवं तीनों विद्युत वितरण कम्पनियों के एम.डी. और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


राजेश पाण्डेय

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here