Home अपना मध्यप्रदेश नेताओ पर आम आदमी कसेगा शिकंजा, हाईकोर्ट के निर्देश

नेताओ पर आम आदमी कसेगा शिकंजा, हाईकोर्ट के निर्देश

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ग्वालियर, अतुल सक्सेना| मध्यप्रदेश हाईकोर्ट (Madhya pradesh Highcourt) की ग्वालियर बेंच (Gwalior Bench) ने एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए आदेश दिया है कि यदि किसी भी राजनैतिक या सामाजिक कार्यक्रमों में 100 से ज्यादा लोगों की भीड़ जुटी या फिर कोविड के नियमों का उल्लंघन हुआ तो आयोजक के खिलाफ FIR होगी साथ ही भीड़ को नहीं रोक पाने पर कलेक्टर के खिलाफ कोर्ट की अवमानना की कार्रवाई होगी। अपने आदेश मे कोर्ट ने कहा कि कोई भी नागरिक राजनैतिक या सामाजिक कार्यक्रमों में भीड़ दिखने पर वीडियो बनाकर हाईकोर्ट के राजिस्ट्रार को भेज सकता है, रजिस्ट्रार इसे कोर्ट के संज्ञान में लायेंगे जिससे आयोजक के खिलाफ कार्रवाई की जा सकेगी।

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच के न्यायमूर्ति शील नागू एवं न्यायमूर्ति राजीव कुमार श्रीवास्तव की युगल पीठ ने आशीष प्रताप सिंह की याचिका पर शनिवार को सुनवाई यह आदेश दिया है। प्रकरण की सुनवाई के दौरान एडवोकेट जनरल पुरुषेन्द्र कौरव, अतिरिक्त महाधिवक्ता अंकुर मोदी ने शासन का पक्ष रखा। न्यायालय ने सुनवाई के दौरान न्याय मित्र संजय द्विवेदी राजू शर्मा और वी डी शर्मा को भी सुना। कोर्ट ने 5 जिलों के कलेक्टरों से आ रही कठिनाइयों की जानकारी भी ली। कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार, राज्य सरकार और जिला प्रशासन द्वारा कोविड 19 के लिए जारी गाइड लाइन का हर हाल में पालन होना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि चुनावी रैली, सामाजिक कार्यक्रम में कोविड के नियमों का पालन हो ये कलेक्टर को देखना है कि 100 से अधिक लोगों की भीड़ ना जुटे। यदि कलेक्टर भीड़ को नहीं रोक पाते तो उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जायेगी। कोर्ट ने अपने आदेश में सभी राजनीतिक दलों को सलाह दी है कि आगामी उपचुनाव में फिजिकली कैंपेन के बजाय इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों का उपयोग करें। कोर्ट ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल द्वारा नियमों के विपरीत कार्य किया जाता है तो जिसके नेतृत्व में वह कार्यक्रम आयोजित होना है उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

कोर्ट ने न्याय मित्रों संजय द्विवेदी, राजू शर्मा एवं वी डी शर्मा से कहा है कि वे किसी भी उल्लंघन पर न्यायालय को सूचित करेंगे जिससे कि मामले को तत्काल सुनवाई में लगाया जाएगा। इस आदेश को सभी जिलाधिकारियों को भेजे जाने के निर्देश भी दिए गए हैं। कोर्ट ने पहली बार शहर के नागरिकों को भी एक अधिकार दिया है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि किसी भी कार्यक्रम में यदि भीड़ दिखाई देती है तो शहर का कोई भी नागरिक उसकी वीडियो बनाकर हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को भेज सकते हैं, रजिस्ट्रार इसे कोर्ट के संज्ञान में लायेंगे जिसके बाद कोर्ट उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकेगा।

दरअसल आशीष प्रताप सिंह ने ये जनहित याचिका ग्वालियर शहर में कोरोना संक्रमण के बढ़ने तथा आगामी उपचुनाव को लेकर होने वाले राजनीतिक आयोजनों में कोविड-19 के दिशानिर्देशों का उल्लंघन होने पर प्रस्तुत की गई है। कोर्ट ने इस याचिका पर न्याय मित्रों को नियुक्त कर उन्हें अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। इस पर न्याय मित्रों ने न्यायालय में 2 रिपोर्ट प्रस्तुत की थी जिसमें इस बात का खुलासा किया गया था कि शहर में आयोजित कार्यक्रमों में कोविड-19 के दिशानिर्देशों का उल्लंघन किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया इन कार्यक्रमों में निर्धारित संख्या से काफी संख्या में अधिक लोग उपस्थित रहे।

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