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प्रौद्योगिकी और छोटे उद्योगों के समन्वय से अधिक रोजगार की गुंजाइश : मंत्री श्री सखलेचा

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प्रौद्योगिकी और छोटे उद्योगों के समन्वय से अधिक रोजगार की गुंजाइश : मंत्री श्री सखलेचा


 


भोपाल : गुरूवार, दिसम्बर 10, 2020, 23:04 IST

विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री श्री ओमप्रकाश सखलेचा ने कहा है कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी को छोटे-छोटे उद्योगों से जोड़कर अधिक लोगों को रोजगार मुहैया कराया जा सकता है। उन्होंने दोनों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत बताई। मंत्री श्री सखलेचा गुरूवार को ‘लोक संचार के माध्यम से विज्ञान एवं तकनीक संचार’ प्रशिक्षण कार्यशाला के समापन पर बोल रहे थे।

मंत्री श्री सखलेचा ने कहा कि युवाओं को उनकी दिलचस्पी और स्किल के अनुसार छोटे-छोटे उद्योग लगाने का अवसर देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। इस दिशा में राज्य सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कठपुतली जैसे लोक संचार के साधनों से यदि कोई एमएसएमई उद्योगों के क्षेत्र में आना चाहता है तो सरकार उनकी मदद करेगी। उन्होंने कहा कि आम जनजीवन में व्याप्त भ्रांतियों और कुरीतियों को दूर करने के लिए कठपुतली का उपयोग न केवल विज्ञान और तकनीक के प्रचार-प्रसार का बेहतर माध्यम है बल्कि यह नई पीढ़ी को कला और संस्कृति से जोड़ने का भी एक बेहतर प्रयास है। हमें इस बात पर गर्व होना चाहिए कि दुनिया ने विज्ञान भारत से सीखा है। अब जरूरत है कि विज्ञान को जीवन के विविध क्षेत्रों से जोड़कर भारत को आत्मनिर्भर और सर्वशक्तिमान बनाया जाए।

मैपकास्ट के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. राकेश आर्य, सरदार वल्लभ भाई पॉलीटेक्निक कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. आशीष डोंगरे, पब्लिक रिलेशन सोसायटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष श्री पुष्पेंद्र पाल सिंह, विज्ञान भारती के महासचिव सुधीर सिंह भदौरिया, डॉ. मोनिका जैन, राजीव जैन तथा डॉ. अनिल सिरवैयां मौजूद थे। कार्यशाला का आयोजन साइंस टेक्नोलॉजी मंत्रालय भारत सरकार तथा सर्च एंड रिसर्च डवलपमेंट सोसायटी द्वारा किया गया।

प्रतिभागियों ने कठपुतलियों के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत, स्वच्छता, अंधविश्वास और कोरोना जैसे विषयों पर कठपुतली शो किए। श्री सखलेचा ने विज्ञान संचारक बने प्रतिभागियों द्वारा वैज्ञानिक चेतना और जन-जागरूकता पर आधारित कठपुतली शो देखे और उन्हें प्रमाण पत्र भी वितरित किए। कार्यशाला में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आयोजित किए जाने वाले इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टीवल पर भी चर्चा की गई।


राजेश बैन

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