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फॉर्चून राइस लिमिटेड कंपनी को लेना होगा अनुबंध मूल्य पर धान

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फॉर्चून राइस लिमिटेड कंपनी को लेना होगा अनुबंध मूल्य पर धान


नए कृषि कानून अंतर्गत प्रशासन का किसानों के हित में बड़ा फैसला
24 घंटे में मिला किसानों को न्याय
 


भोपाल : शुक्रवार, दिसम्बर 11, 2020, 22:21 IST

होशंगाबाद जिले के किसानों से अनुबंध के बावजूद फॉर्चून राइस लि. दिल्ली  द्वारा धान नही खरीदी जाने के प्रकरण में जिला प्रशासन द्वारा तत्परतापूर्वक कार्रवाई की गई। नवीन कृषि कानून ‘किसान (सशक्तिकरण और संरक्षण) अनुबंध मूल्य आश्वासन और कृषि सेवा अधिनियम 2020 के प्रावधान अनुसार कार्रवाइ की गई है। किसानों को 24 घंटे में न्याय दिलवाया गया है। एसडीएम पिपरिया नितिन टाले ने बताया कि कृषकों से मंडी के उच्चतम मूल्य पर धान खरीदी के अनुबंध 3 जून, 2020 के बावजूद फॉर्चून राइस लि. कंपनी द्वारा 9 दिसम्बर को मंडी में उच्च विक्रय मूल्य होने पर धान नही खरीदी गई। उक्त प्रकरण में 10 दिसम्बर, 2020 को  ग्राम भौखेडी के  कृषक पुष्पराज पटेल एवं ब्रजेश पटेल द्वारा एसडीएम नितिन टाले को शिकायत की गई। कृषको  ने चर्चा मे बताया कि फॉर्चून राइस लिमिटेड दिल्ली द्वारा 3 जून, 2020 को उच्चतम बाजार मूल्य पर धान खरीदी का अनुबंध किया था, कंपनी द्वारा लगातार अनुबंध अनुसार खरीदी की जाती रही किंतु 3 हजार रुपये प्रति क्विंटल धान के भाव होने पर कंपनी के कर्मचारियो ने खरीदी बंद कर किसानों से सम्पर्क समाप्त कर दिया।

उक्त प्रकरण की जानकारी जिला प्रशासन को प्राप्त होने पर तत्परतापूर्वक कार्रवाई कर न्यायालय अनुविभागीय दंडाधिकारी पिपरिया ने समन जारी कर फॉर्चून राइस लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि को 24 घंटे मे समक्ष मे जबाव प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। एसडीएम कोर्ट द्वारा जारी समन पर फॉर्चून राइस लिमिटेड के डायरेक्टर श्री अजय भलोटिया ने जबाव प्रस्तुत किए जाने पर कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) अनुबंध मूल्य आश्वासन और कृषि सेवा अधिनियम-2020 की धारा-14 (2) (a) के तहत कॉन्शुलेशन बोर्ड का गठन किया। कॉन्शुलेशन बोर्ड के समक्ष कंपनी ने दिनांक 9 दिसंबर के उच्चतम दर पर धान क्रय करना स्वीकार किया।

बोर्ड की अनुशंसा के आधार पर न्यायालय अनुविभागीय दंडाधिकारी पिपरिया ने अनुबंधित कृषको से रू 2950+50 रू बोनस कुल 3 हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर धान खरीदने हेतु आदेशित किया।

इस प्रकार नये कृषक कानून का प्रयोग करते हुए शिकायत प्राप्त होने के 24 घंटे के अंदर कृषकों को अनुबंध अनुसार उच्चतम बाजार दिलाये जाने की कार्रवाई की गई। उक्त अधिनियम के तहत लिए गए फैसले से किसानों में हर्ष व्याप्त है। किसानों द्वारा बताया गया कि कंपनी द्वारा कॉन्ट्रैक्ट के बावजूद धान खरीदी नहीं किए जाने से हमें बहुत अधिक आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता।  किसान हितैषी नया कृषि कानून हमारे लिए आशा की किरण लेकर आया है। किसानों के हित में लिए गए इस फैसले से अब हम अनुबंध के अनुसार अपनी उपज कंपनी को बेच पाएंगे।


रोमित उइके

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