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शिवराज कैबिनेट की बैठक में बड़े फैसले, इन प्रस्तावों पर लगी मुहर

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) की अध्यक्षता में गुरूवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट की बैठक (Cabinet Meeting) में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी है| वर्चुअल केबिनेट बैठक में सीहोर जिले की सनकोटा सिंचाई परियोजना एवं मोगराखेड़ा सिंचाई परियोजना की पूर्व प्रदत्त प्रशासकीय स्वीकृति क्रमश: राशि 154 करोड़ 85 लाख रुपये एवं 105 करोड़ 72 लाख रुपये कुल राशि 260 करोड़ 57 लाख रुपये को परियोजनांतर्गत वन भूमि आने एवं व्यवस्थापन को दृष्टिगत रखते हुए निरस्त किया जाकर सीप अंबर सिंचाई कॉम्पलेक्स परियोजना की सिंचाई क्षमता 8000 हेक्टेयर के लिये राशि 174 करोड़ 94 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी है।

कैबिनेट ने मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कम्पनी लिमिटेड, जबलपुर को केनरा बैंक से 800 करोड़ रुपये की राशि के ऋण, जो कि एक वर्ष के एमसीएलआर दर पर है, के लिये राज्य शासन की प्रत्याभूति, ऋण अवधि (13 वर्ष) तक प्रदान करने की मंजूरी दी। साथ ही इस ऋण पर कम्पनी से 0.50 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से प्रत्याभूति शुल्क लेने का फैसला लिया गया है|

इसके अलावा शिवराज कैबिनेट ने सभी ऐसे जिले, जहाँ पंचायत एवं ग्रामीण विकास, महिला-बाल विकास एवं नगरीय विकास एवं पर्यावरण विभाग अंतर्गत क्रियाशील एवं सक्षम स्व-सहायता समूह हैं, को उनकी क्षमता के अनुरूप गणवेश प्रदाय का आर्डर दिये जाने का निर्णय लिया। स्व-सहायता समूह द्वारा कक्षा एक से 8 तक के अनुरूप 3 माह के भीतर स्टेंडर्ड साइज की यूनिफार्म उपलब्ध कराई जायेगी।

स्कूल ऑफ एक्सीलेंस इन पल्मोनरी मेडिसिन जबलपुर में होंगे 20 पद स्थानांतरित
चिकित्सा महाविद्यालय, जबलपुर स्थित स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में राशि 17 करोड़ 88 लाख रुपये के अतिरिक्त निर्माण कार्य स्वीकृत करने पर परियोजना की पूर्व में जारी प्रशासकीय स्वीकृति 135 करोड़ 21 लाख रुपये के स्थान पर 153 करोड़ 9 लाख रुपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति एवं स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट के लिये 20 पदों को स्कूल ऑफ एक्सीलेंस इन पल्मोनरी मेडिसिन जबलपुर में स्थानांतरित करने की मंजूरी भी कैबिनेट बैठक में दी गई है।

इसके अलावा मध्यप्रदेश में संचालित नर्सिंग पाठ्यक्रम के संचालन के संबंध में नवीन मान्यता, नवीनीकरण एवं सीट्स वृद्धि की मान्यता में शैक्षणिक सत्र 2018-19 एवं 2019-20 में की गई कार्यवाहियों में नियमों से संबंधित व्यवहारिक समस्याएँ उद्भूत हुईं, जिन्हें उदाहरण स्वरूप- एम.एस.सी. नर्सिंग पाठ्यक्रम हेतु न्यूनतम 50 बिस्तरों का सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल अनिवार्य किया जाना, किसी चिकित्सालय द्वारा पैरेन्ट हॉस्पिटल के रूप में एक ही नर्सिंग संस्था को संबद्ध करना, वर्ष 2013 के बाद नवीन नर्सिंग संस्था प्रारंभ करने के लिये स्वयं का 100 बिस्तरीय अस्पताल होना एवं नर्सिंग संस्थाओं द्वारा ब्लॉक/जिला परिवर्तन करने पर नवीन संस्था के रूप में आवेदन किया जाना आदि निर्णयों के रूप में समाधान के लिये मध्यप्रदेश नर्सिंग शिक्षण मान्यता नियम, 16 अक्टूबर, 2018 एवं 23 सितम्बर, 2019 में आवश्यक संशोधन को मंजूरी दी गई।

अन्य निर्णय

-कैबिनेट ने पशुपालन विभाग का नाम परिवर्तित कर पशुपालन एवं डेयरी विभाग किये जाने एवं कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन की कार्यवाही करने का भी निर्णय लिया।

-मंत्रि-परिषद ने हॉक फोर्स में सहायक सेनानी के 5 पदों को समर्पित कर 3 उप सेनानी के पदों के निर्माण की स्वीकृति दी है।

-मंत्रि-परिषद ने शासकीय मुद्रणालय ग्वालियर, इंदौर, रीवा को बंद करने एवं शासकीय प्रेस के 495 पदों को समर्पित एवं 185 पदों को सांख्येत्तर घोषित करने का निर्णय लिया।

-मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश प्रतीकरात्मक वन-रोपण निधि प्रबंधन और योजना प्राधिकरण (राज्य कैम्पा प्राधिकरण) के कार्यालय की स्थापना तथा उसके लिये पदों की मंजूरी दी।

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