Home राजधानी न्यूज़ Bhopal News: हिंदी अंग्रेजी और कुर्दिश फिल्मों का प्रदर्शन

Bhopal News: हिंदी अंग्रेजी और कुर्दिश फिल्मों का प्रदर्शन

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Publish Date: | Mon, 23 Nov 2020 10:21 PM (IST)

विश्वरंग अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का उद्घाटन

भोपाल(नवदुनिया रिपोर्टर)। विश्वरंग के अंतर्गत आयोजित पहले बाल साहित्य, कला और संगीत महोत्सव के दूसरे दिन की शुरुआत फ्रेंच पेंटिंग वर्कशॉप के साथ हुई। पल्लवी राव चतुर्वेदी ने इस सत्र में अकांक्षा गोयनका के साथ बातचीत की। यह वर्कशॉप क्लॉड मोनेट की चित्रकारी पर आधारित थी। वर्कशॉप की शुरुआत में पल्लवी चतुर्वेदी और अकांक्षा गोयनका ने क्लॉड मोनेट की तकनीक, काम और स्टाइल और उनके जीवन पर बात की। इसके बाद स्टोरीटेलिंग में जानकी सबेश और प्रिया नारायण शामिल हुईं। यह स्टोरीटेलिंग भारत के महान गणितज्ञ रामानुजन के ऊपर लिखी पुस्तक ‘द फ्रैंड ऑफ नंबर्स’ के बारे में थी। किताब की लेखिका प्रिया नारायण ने भी सत्र में भाग लिया और किताब जुड़ी यादें साझा की।

ऑनलाइन विश्वरंग अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह में पहले दिन कन्नाड, असम, हिंदी, पुर्तगाल और तुर्की फिल्मों का जलवा रहा। कार्यक्रम की शुरुआत सत्येंद्र सिंह सोलंकी के संतूर और बासुरी वादन से हुई। इसके बाद गिरीश कर्नाड की कन्नड फिल्म का प्रदर्शन हुआ। यह फिल्म एक कलाकार के ऊपर आधारित है, जिसका निर्देशन केएम चैतन्य ने किया है। फिल्म में दिखाया गया है कि एक कन्नड फिल्म स्टार किस तरह से सोचता है और उसके करियर में क्या- क्या समस्याएं आती हैं। कार्यक्रम में आगे इंदिरा गोस्वामी फिल्म की प्रस्तुति भी की गई। यह फिल्म ‘वर्ड फ्रॉम द मिस्ट’ किताब की लेखिका इंदिरा गोस्वामी पर आधारित है। इसका निर्देशन जहनू बरुआ ने किया है। नौला नामक साइंस फिल्म भी इस फिल्म महोत्सव का हिस्सा बनी। फिल्म महोत्सव में आगे कई शॉर्ट फिल्मों का प्रदर्शन भी किया गया। अंत में कुर्दिश फिल्म जेर का प्रदर्शन हुआ।

मोहन अगाशे के साथ मास्टर क्लास

मास्टर क्लास में आभिनेता मोहन अगाशे ने अपने फिल्मी सफर के बारे में बताया। अपने लंबे फिल्मी जीवन पर चर्चा करते हुए उन्होंने समझाया कि कैसे एक अभिनेता के जीवन में समस्याएं आती हैं और उन चुनौतियों का उन्होंने कैसे सामना किया। कार्यक्रम में उन्होंने फिल्म जगत और अभिनय से जुड़ी कई बारीकियां भी दर्शकों को समझाई। आखिरी सत्र में विश्वरंग के सहनिदेशक सिद्घार्थ चतुर्वेदी ने फिल्ममेकर रजत कपूर से बात की। फिल्म इंस्टीट्यूट से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि जब आप बड़े कलाकारों और फिल्ममेकरों से मिलते हैं और वो हर क्षेत्र से जुड़ी बातें करते हैं, तब आपके मन में सवाल आता है कि क्या एक फिल्ममेकर बनने के लिए यह सब जरूरी है, पर आगे चलकर आप भी बड़ी आसानी से ये सब करने लगते हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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