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Coronavirus infection decreasing in Gwalior but be alert

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Updated: | Sat, 03 Oct 2020 02:05 PM (IST)

ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि), Coronavirus in Gwalior। कोरोना के कहर के लिए सितंबर का महीना अब तक जाना जा रहा है, लेकिन इसी माह में लोगों के स्वस्थ होने के आंकड़े राहत का संकेत भी दे रहे हैं। सितंबर के आखिरी 16 में से 13 दिन संक्रमितों की रिकवरी दर करीब 115 फीसद रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक राहत के इस संकेत को हम यह न मानें की कोरोना खत्म हो जाएगा। हम लापरवाह न बने, और सतर्क हो जाएंगे। यही सतर्कता हमें कोरोना से बचाएगी।

राहत देने वाले आंकड़ों को इस तरह समझें। सितंबर के 16 में से 13 दिन यदि 100 मरीज कोरोना पॉजिटिव पाए गए तो 115 मरीज स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्चार्ज भी हुए हैं। माह के मध्य में जो एक्टिव मरीजों की संख्या 2148 पर पहुंची थी, वो एक अक्टूबर को 1682 तक रह गई। यह आंकड़े कोरोना की लड़ाई में अच्छ संकेत दे रहे हैं। हालांकि सितंबर माह में स्वास्थ्य विभाग ने आशंका जताई थी कि 30 अक्टूबर तक शहर में पांच हजार से अधिक एक्टिव केस हो जाएंगे। इसके हिसाब से प्रशासन व्यवस्थाएं बना लें। अभी तक शहर में 10 हजार 744 संक्रमित मिल चुके हैं। इनमें 8931 स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं।

तेजी से स्वस्थ होने का कारण

रिकवरी दर बढ़ी: सितंबर के शुरुआत में संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ी, लेकिन माह के मध्य तक आते-आते संक्रमितों के साथ स्वस्थ होने की दर भी बढ़ने लगी थी। आखिर में संक्रमित कम पाए जाने लगे पर स्वस्थ्ा होने वालों की गति वही बनी रही।

गंभीर मरीजों को अस्पताल में इलाज : बिना लक्षण व कम लक्षण वाले मरीजों को जब घर रखा गया तो अस्पताल में गंभीर मरीजों के लिए बेड उपलब्ध हुए। इससे उन्हें अस्पताल में और बेहतर इलाज मिल सका, जिससे वह तेजी से रिकवर होने लगे।

डिस्चार्ज की समयसीमा हुई कम : कोरोना के शुरुआत में संक्रमित मरीज को 14 दिन अस्पताल में इलाज के बाद 7 दिन होम क्वारंटाइन रहने का समय तय था। इसके बाद इसमें कमी आई और 10 दिन मंे अस्पताल से मरीज को डिस्चार्ज किया जाने लगा। अब इसमें और सुधार हुआ कि अस्पताल में भर्ती मरीज को तीन दिन तक यदि कोई लक्षण नहीं है तो उसे डिस्चार्ज किया जा सकता है। ऐसे में कई लोग 5 से 10 दिन के बीच में ही डिस्चार्ज हुए और रिकवरी दर बढ़ गई।

अभियान चला तो घटा संक्रमण

प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग ने मास्क, शारीरिक दूरी के लिए जन-जागरूकता अभियान चलाया। इसमें समाचार पत्रों ने भी उनका साथ दिया। नईदुनिया के ‘अभी मास्क ही वैक्सीन’ अभियान को शहरवासियों के साथ प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने भी सराहा। जब लोगों ने मास्क व सुरक्षित शारीरिक दूरी का पालन किया तो संक्रमण दर पर भी गिरने लगी।

कोरोना का ट्रेंड बदल रहा है, शहर में संक्रमित से अधिक रिकवरी दर होना राहत की बात है। ऐसा नहीं कि कोरोना संकट अब नहीं है, लेकिन आपकी सतर्कता ही कोरोना को हराएगी। मास्क व सुरक्षित शारीरिक दूरी का पालन ही शहर से कोरोना को विदा करेगी।- डॉ. मनीष शर्मा, सीएमएचओ

Posted By: Prashant Pandey

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