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Indore News: 13 साल पुरानी नर्सरी को बंद करने की तैयारी अनुसंधान केंद्र को 25 लाख पौधे मुफ्त में देने का विचार

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Publish Date: | Mon, 05 Oct 2020 06:54 PM (IST)

वन विभाग के पास बजट का अभाव बता रहे सीसीएफ, जैव विविधता बोर्ड उठा रहा खर्च

कपिल नीले

इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। पर्यावरण का संतुलन बनाये रखने के लिए जिस नर्सरी में हर साल तीन लाख पौधे तैयार होते आए हैं। अब वन विभाग ने इसे बंद करने की तैयारी कर ली है। मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) इसके पीछे बजट नहीं होना बता रहे हैं जबकि असल में अधिकारी यहां नए निर्माण कार्य करने की योजना बना रहे हैं। वहीं नर्सरी में तैयार 25 लाख रुपये मूल्य के पौधे वन विभाग के अनुसंधान व शोध केंद्र को मुफ्त में देने का सुझाव रखा है। हकीकत यह है कि नर्सरी का पूरा खर्च जैव विविधता बोर्ड उठाता है। ऐसी स्थिति में मुफ्त में पौधे भी नहीं दिए जा सकते हैं।

2010 में बोर्ड उठाने लगा खर्च

नवरतनबाग स्थित वन विभाग कार्यालय परिसर में साल 2007 में नर्सरी स्थापित हुई थी। करीब एक लाख वर्ग फीट में फैली नर्सरी को तीन साल बाद यानी साल 2010 में जैव विविधता बोर्ड को सौंप दी। बीज, खाद और मिट्टी, मजदूरों समेत अन्य खर्च बोर्ड उठाने लगा। साल 2016 तक यह सिलसिला चलता रहा। मगर दो साल तक बोर्ड से पैसा नहीं मिलने से खर्च की राशि इंदौर वनमंडल ने चुकाई। मगर बीते डेढ़ साल से सभी खर्च फिर बोर्ड ने उठाना शुरू कर दिया है। नियमानुसार नर्सरी बंद करने के लिए बोर्ड से अनुमति लेना होगी। यहां तक पौधे का मूल्य भी बोर्ड वसूल सकता हैं।

…इसलिए हटा रहे नर्सरी

नर्सरी हटाने की कवायद कुछ महीनों पहले शुरू हुई है। तत्कालीन वन संरक्षक प्रफुल्ल फूलझेले ने नर्सरी को बंद करने की फाइल चलाई। नर्सरी बंद करके अधिकारियों ने मैदान, वनकर्मियों के लिए मकान बनाने की योजना बना रखी है। उन्होंने कहा कि नर्सरी में जैव विविधता में कम पौधे तैयार हो रहे हैं। वैसे भी विभाग की नर्सरी जगह-जगह पर बनी है।

नहीं आ रहा बजट

नर्सरी को बंद करने का विचार किया जा रहा है। मुख्यालय से उसका बजट नहीं आया है। काफी पहले बोर्ड इसका खर्च उठाता था। फिलहाल वहां किसी भी प्रकार के निर्माण की कोई योजना नहीं है।- सीएच निनामा, सीसीएफ, वन विभाग

– दो लाख पौधे इंदौर, चोरल, महू, मानपुर वनक्षेत्र में भेजे जाते हैं।

– साल भर में एक लाख पौधे शहर के सामाजिक संगठन, पर्यावरणप्रेमियों और शैक्षणिक संस्थानों को बेचे जाते हैं।

– 12, 20 और 35 रुपये मूल्य पर मिलते हैं पौधे।

– 25-30 लाख रुपये नर्सरी का सालाना बजट।

Posted By: Nai Dunia News Network

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