Home राजधानी न्यूज़ Madhya Pradesh BJP Preparation for the next two decade betting on new...

Madhya Pradesh BJP Preparation for the next two decade betting on new faces

56
0

Publish Date: | Mon, 23 Nov 2020 06:58 PM (IST)

Madhya Pradesh BJP: धनंजय प्रताप सिंह, भोपाल। नगरीय निकाय चुनावों को भाजपा पीढ़ी परिवर्तन का अवसर बनाने की तैयारी में है। यानी रणनीति सफल रही तो इसमें टिकट 30 से 45 साल तक के दावेदारों को दिया जाएगा, जिससे पार्टी के प्रति युवाओं का रूझान और उनके लिए अवसर बढ़ाए जा सकें। पार्टी पार्षद से लेकर नगर परिषद और नगर पालिका अध्यक्ष और महापौर पद के लिए नए चेहरों को मौका देगी।

दरअसल, भाजपा में मौजूदा दौर में सक्रिय नेताओं में अधिकतर 90 के दशक या उससे भी पहले के हैं। युवाओं को भरपूर अवसर न मिलने से पीढ़ी परिवर्तन का लाभ पार्टी को कम ही मिला। ऐसे में जब वीडी शर्मा को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया, तो संगठन में एक नई ताजगी महसूस की गई। युवाओं के साथ अन्य क्षेत्रों से भी लोगों ने पार्टी में रुचि दिखाई। शर्मा की टीम में भी पांचों महामंत्री भी नई पीढ़ी के हैं। संभावना है कि घोषित होने वाली कार्यकारिणी में भी ज्यादातर चेहरे नए होंगे।

संगठन से मैदान तक

पार्टी अगले दो दशक का नेतृत्व तैयार करने के रोडमैप पर चल रही है। यही वजह है कि मंडल अध्यक्षों के चुनाव में आयु सीमा 35 से 40 वर्ष तय की गई थी। पार्टी स्थानीय निकाय में चुनाव लड़ने वाले 55-60 साल से ज्यादा उम्र के किसी भी नेता को टिकट नहीं देना चाहती है। भाजपा ने लोकसभा व विधानसभा चुनावों में 75 साल या ज्यादा उम्र के नेताओं को मौका नहीं दिया था।

2018 में 1.53 करोड़ युवा मतदाता थे

2018 के विधानसभा चुनाव में 18 से 29 साल के मतदाताओं की संख्या 1,53,60,832 थी, जिसमें 18-19 साल के मतदाताओं की संख्या 16 लाख से ज्यादा, वहीं 20 से 29 वर्ष की आयु 1,37,82,779 मतदाता रहे। पहली बार वोट डालने का हक पाने वाले लगभग 12 लाख मतदाता थे। निर्वाचन आयोग के अनुसार 2018 में मप्र में करीब पांच करोड़ मतदाता थे। यानी राज्य में कुल मतदाताओं के मुकाबले 18 से 29 वर्ष की आयु के मतदाताओं का अनुपात लगभग 35 प्रतिशत है। अब दो साल में कम से कम 12 लाख युवा मतदाता बढ़ने की संभावना है।

कांग्रेस में परिवर्तन पर नजर

उपचुनाव के परिणामों ने एक तरह से कांग्रेस के बुजुर्ग नेताओं का सियासी भविष्य हाशिए पर डाल दिया है। युवाओं को मौका देने का पार्टी पर दबाव है। ऐसे में यदि युवा नेताओं को मौका मिलता है, तो प्रदेश के युवाओं का रूझान कांग्रेस की तरफ बढ़ सकता है। विपक्ष में होने से युवाओं की अपेक्षा यदि कांग्रेस सियासी संघर्ष में बदलने में कामयाब रही, तो भाजपा की मुश्किलें बढ़ेेंगी, ऐसे में भाजपा निकाय चुनावों में ही युवाओं को अपने पक्ष में करने की पूरी कोशिश कर रही है।

इनका कहना है

भविष्य में मजबूत व ऊर्जावान नेतृत्व बनाए रखने के लिए भाजपा लगातार कोशिश कर रही है। परिस्थिति और कार्यकर्ताओं की भावनाओं के आधार पर मोदी जी की न्यू इंडिया की कल्पना को साकार करने के लिए भाजपा नगरीय निकाय चुनाव में भी नए चेहरों को आगे लाने की कोशिश करेगी।

रजनीश अग्रवाल प्रवक्ता, भाजपा मप्र

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

 

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here