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Morena News Government construction from the sand of Chambal river crushed crocodiles eggs

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Publish Date: | Thu, 01 Oct 2020 06:56 PM (IST)

Morena News: हरिओम गौड़, मुरैना। नईदुनिया प्रतिनिधि। प्रतिबंध के बाद भी चंबल नदी के घड़ियाल अभयारण्य इलाके से अंधाधुंध। तरीके से निकाली जा रही रेत से घड़ियालों की वंशवृद्धि संकट में आ गई है। माफिया रेत के साथ उनके अंडों को भी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर ला रहे हैं। जिन निर्माण कार्य स्थलों पर रेत पहुंच रहा है, वहां कई अंडे फूटे निकल रहे हैं तो कई अभी भी साबुत हैं।

कैलारस और सबलगढ़ क्षेत्र में जिन निर्माण कार्यों पर चंबल नदी की रेत पहुंच रही है, वहां रेत में अंडे निकलने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामला कैलारस जनपद की चचेड़ी ग्राम पंचायत में क्वारी नदी पर बन रहे स्टॉप डैम का है। जैसे-जैसे रेत उपयोग के लिए ढेर में से उठाया जा रहा है, वैसे-वैसे इसमें घड़ियाल के अंडे निकल रहे हैं। कैलारस शहर में भी रेत में अंडे निकलने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।

घड़ियाल सिमटते और माफिया पांव फैलाते जा रहे

श्योपुर में जलालपुरा के पार्वती और चंबल नदी के किनारों से लेकर मुरैना तक घड़ियाल अभयारण्य का क्षेत्र है। यहां नदी किनारे रेत में घड़ियाल अंडे देते हैं। करीब 15 साल पहले तक अंडे देने का क्षेत्र बहुत बड़ा था, लेकिन जब से रेत माफिया की नजर नदी किनारों पर पड़ी, तब से घड़ियालों के अंडे देने की जगह सिकुड़ती जा रही है।

श्योपुर के कतन्नीपुरा, बरौली, गऊघाट, नदी गांव क्षेत्र में चंबल नदी किनारे घड़ियालों के अंडे देने के बड़े स्थान थे। अब यहां से रेत उत्खनन होता है तो घड़ियाल यहां से दूर हो गए। इसी तरह सबलगढ़ के चिन्नोनी, अटार घाट, कैलारस के गुढ़े, नंदपुरा, पचोखर खेड़ली और भराना में अंडे देने के सुनसान स्थान हैं, वहां अब रेत माफिया ने बीहड़ों में होकर रास्ता निकाल लिया। अब इन्हीं जगहों से जो रेत आ रहा है, उनके अंडे निकल रहे हैं।

पूर्व सरपंच बोले नहीं देखी जा रही अंडों की दुर्दशा

सबलगढ़ से लेकर कैलारस क्षेत्र में कई जगह पर चंबल नदी किनारे के गावों में रेत को डंप किया जा रहा है। कैलारस के चचेड़ी, घुडे, नंदपुरा आंदि गांवों के आसपास खेतों व बीहड़ में सैकड़ों ट्रॉली रेत डंप है। डंप रेत में भी घड़ियालों के अंडे नजर आ रहे हैं।

चचेड़ी के ग्रामीणों ने बताया कि रेत का अवैध उत्खनन तो लंबे समय से हो रहा है। पहले इतनी पीड़ा नहीं होती थी, लेकिन अब रेत माफिया अपने लालच के कारण घड़ियाल के अंडों को भी नष्ट कर रहे हैं। गांव के पूर्व सरपंच बलबीर सिंह ने बताया कि जब अंडे फूटते हैं तो घड़ियाल के मरे बच्चे निकलते हैं, जिसे देख मन व्यथित होता है। इसकी शिकायत गेमरेंज अफसर और डीएफओ तक से कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं करता।

इनका कहना है

चंबल रेत के अवैध उत्खनन की शिकायत आई है। डीएफओ साहब ने कार्रवाई के लिए विशेष टीम भी बनाई है। टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। रेत में घड़ियाल के अंडे आने की कोई शिकायत हमें नहीं मिली।

-दीपमाला शिवहरे, रेंजर, पहाड़गढ़ कैलारस

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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