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No option filled online: now 556 students may have to do private studies | ऑनलाइन नहीं भरा विकल्प : अब 556 छात्रों काे करना पड़ सकती है प्राइवेट पढ़ाई

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हरदा9 मिनट पहले

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हरदा। शासकीय स्वामी विवेकानंद कॉलेज।

  • लीड काॅलेज, माॅडल काॅलेज और टिमरनी काॅलेज में वेटिंग अधिक

स्वामी विवेकानंद शासकीय काॅलेज, माॅडल काॅलेज, टिमरनी काॅलेज में यूजी में प्रवेश काे लेकर अब छात्र-छात्राएं परेशान हैं। ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया के दाैरान छात्र-छात्राओं काे एक से अधिक काॅलेजाें में प्रवेश के लिए विकल्प दिए, लेकिन च्वाइस फिलिंग नहीं करने से तीनाें काॅलेजाें में सीएलसी के दूसरे राउंड के बाद प्रवेश की वेटिंग लिस्ट लंबी हाे गई है। 556 विद्यार्थी प्रवेश के लिए वेटिंग में हैं।

विवेकानंद शासकीय काॅलेज में 381, माॅडल काॅलेज में 70 और टिमरनी काॅलेज में 105 छात्र-छात्राएं वेटिंग सूची में हैं। इन छात्र-छात्राओं के सामने प्राइवेट हाेने का खतरा मंडरा रहा है। प्रवेश नहीं मिला ताे उन्हें प्राइवेट पढ़ाई कर परीक्षा देनी पड़ेगी। इधर, सिराली के शासकीय काॅलेज में यूजी की सीट ही नहीं भराई है। छात्र-छात्राओं की सिराली काॅलेज में पढ़ाई काे लेकर रुचि नहीं है। सबसे अधिक वेटिंग लिस्ट बीए में है। यूजी की 7 व पीजी की 10 अक्टूबर तक फीस जमा हाेगी। एनएसयूआई ने वेटिंग लिस्ट में शामिल छात्राें काे प्रवेश देने की मांग काे लेकर ज्ञापन साैंपा। संगठन ने प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं करने पर आंदाेलन की चेतावनी दी है।

प्रक्रिया जारी : यूजी की 7 और पीजी की 10 अक्टूबर तक जमा हाेनी है फीस

लीड काॅलेज में यूजी की 860 सीट फुल, 381 वेटिंग स्वामी विवेकानंद शासकीय (लीड) काॅलेज में बीए, बीकाॅम, बीएससी की 860 सीटें हैं। ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया में सीटें फुल हाे चुकी हैं। अब प्रवेश के लिए 381 छात्र-छात्राअाें की वेटिंग है। यानी 44.30 प्रतिशत छात्र-छात्राएं प्रवेश के इंतजार में हैं। इनमें सबसे अधिक बीए की है। बीए में 206 विद्यार्थी प्रवेश के लिए वेटिंग में हैं। माॅडल काॅलेज में 70 और टिमरनी के शासकीय काॅलेज में 105 छात्र-छात्राएं वेटिंग में है।

शासकीय कॉलेजों में पीजी में प्रवेश के लिए विद्यार्थी कर रहे इंतजार

जिले के हरदा, टिमरनी के शासकीय काॅलेजाें में पीजी में भी प्रवेश के लिए छात्र-छात्राएं इंतजार में हैं। एमए हिंदी साहित्य में 120, एमए अर्थशास्त्र 90, इतिहास 50, समाजशास्त्र 40 व एमए राजनीति शास्त्र की वेटिंग लिस्ट में 80 छात्र-छात्राएं शामिल हैं। इसी तरह एमकाॅम, एमएससी गणित में 50-50 और एमएससी रसायन में 40 छात्र-छात्राएं वेटिंग लिस्ट में हैं।

छात्र-छात्राएं अधिक, कॉलेजों में सीटें कम हाेने से बढ रहीं वेटिंग

लाॅकडाउन में इस साल काॅलेजाें में सीटें नहीं बढ़ाई गईं। पिछले साल प्रवेश के लिए तय सीटाें पर प्रवेश दिया। इससे प्रवेश के लिए विद्यार्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किया। इसकी तुलना में सीटें नहीं बढ़ीं। इस कारण वेटिंग सूची बढ़ गई। इसके अलावा खिरकिया और सिराली के गांवाें के विद्यार्थियों काे छात्रवृत्ति, प्रवेश फीस सहित अन्य काम के लिए लीड काॅलेज हरदा आना पड़ता है।

सिराली काॅलेज में 180 में से 101 सीट खाली

सिराली के शासकीय काॅलेज में छात्र-छात्राओं की रुचि नहीं है। 45 गांवाें के विद्यार्थियों के लिए सिराली में शुरू किए काॅलेज में बीए में 120 व बीकाॅम के लिए 60 सीट हैं। 180 सीटाें में से 79 में ही छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया। 101 सीट खाली रह गईं। काॅलेज में सीट खाली रहने की सबसे बड़ी वजह सुविधाओं की कमी है। सिराली काॅलेज में रेग्युलर स्टाफ नहीं है। पेयजल, फर्नीचर सहित अन्य सुविधाएं नहीं हाेने से भी विद्यार्थियों प्रवेश लेने से कतराते हैं।

ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया पुन: शुरू करने पर विचार किया जा रहा है

प्रवेश की वेटिंग लिस्ट सहित अन्य स्थितियाें का पता लगाया जा रहा है। ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया पुन: शुरू करने पर विचार किया जा रहा है। विभाग इस मामले में बैठक लेकर शीघ्र निर्णय लेगा। साथ ही छात्र-छात्राओं के हितों का भी ध्यान रखा जाएगा।
धीरेंद्र शुक्ला, ई-प्रवेश प्रभारी व ओएसडी उच्च शिक्षा विभाग

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