Home इंदौर न्यूज़ Un-aided school organization and teachers in the state made a silent demonstration,...

Un-aided school organization and teachers in the state made a silent demonstration, created a human chain, said that school is the basis of advancement, not paying fees is a big mistake. | प्रदेश के अनएडेड स्कूल संगठन और शिक्षकों ने किया मूक प्रदर्शन, मानव श्रृंखला बनाई, बोले- उन्नति का आधार स्कूल है, फीस न भरना बड़ी भूल है

184
0

  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Bhopal
  • Un aided School Organization And Teachers In The State Made A Silent Demonstration, Created A Human Chain, Said That School Is The Basis Of Advancement, Not Paying Fees Is A Big Mistake.

भोपाल36 मिनट पहले

भोपाल में शुक्रवार को शिक्षकों और स्कूल प्रबंधकों ने शिक्षा-शिक्षक बचाओ सत्याग्रह किया।

  • राजधानी के पिपलानी इलाके में प्रबंधकों और स्कूल शिक्षकों ने निकाली रैली, नारे लगाए

आज शिक्षा और शिक्षक दोनों ही अपना अस्तित्व बचाए रखने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कुछ असामाजिक तत्व स्वघोषित नेता बताकर निजी स्वार्थ एवं एजेंडा के चलते अपनी राजनैतिक रोटियां सेंक रहे हैं और स्कूलों को गंदी राजनीति में घसीट रहे हैं।

इसे रोकने के संदेश के साथ प्रदेश के पालकों, सरकार एवं प्रशासन तक पहुंचाने और अपनी पीड़ा से अवगत करवाने के लिए एसोसिएशन ऑफ अन एडेड प्राइवेट स्कूल्स के तत्वाधान में प्रदेश के सभी निजी विद्यालयों के शिक्षक, गैर शैक्षणिक स्टाफ एवं प्रबंधकों ने 2 अक्टूबर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की 151वीं जयंती पर शिक्षा-शिक्षक बचाओ सत्याग्रह और मूक विरोध प्रदर्शन राजधानी के पिपलानी में किया।0 शिक्षकों ने अपने हाथों में पोस्टर और तख्तियां ले रखीं थीं। जिसमें नारे लिखे हुए थे।

संकट के इस समय में एसोसिएशन के सभी सदस्य अपने पालकों के साथ खड़े हैं और आर्थिक समस्याओं से ग्रस्त सभी अभिभावकों यथासंभव छूट एवं किश्तों में फीस भुगतान करने की सुविधा दे रहे है एवं बच्चों के भविष्य के मद्देनजर ऑनलाइन शिक्षा लगातार चालू रखी गई है।

सोसाइटी फॉर प्राइवेट स्कूल डायरेक्टर्स मध्य प्रदेश, अशासकीय शिक्षण संस्था संगठन, बैरागढ़, भोपाल, जबलपुर अन एडेड स्कूल्स एसोसिएशन, इंडिपेंडेंट स्कूल एलायंस इंदौर एवं ग्वालियर प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन समिति द्वारा सयुंक्त रूप से यह सत्याग्रह प्रदेश के सभी शहरों में एक साथ किया। इसमें प्रदेश के लगभग 5000 से ज्यादा विद्यालयों के शिक्षक एवं प्रबंधन ने भाग लिया।

एसोसिएशन की मुख्य तीन मांगें

  1. सरकार शिक्षक एवं विद्यालय सुरक्षा अधिनियम बनाकर उसे लागू करे। ताकि विद्यालय परिसर में जबरन धरना प्रदर्शन करने वाले एवं विद्यालय स्टाफ एवं शिक्षकों जिसमे 80 प्रतिशत महिलाएं कार्यरत हैं, उनके साथ बदसलूकी करने वाले असामाजिक तत्वों पर तुरंत FIR दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए।
  2. सोशल मीडिया पर न्यायालय के आदेशों की गलत व्याख्या कर पालकों को भ्रमित कर स्कूलों के खिलाफ आधारहीन मुहीम चलने वाले एवं मिथ्या आरोप लगाने वाले तत्वों पर साइबर एक्ट के तहत क़ानूनी कार्यवाही की जाए।
  3. निजी स्कूलों के प्रति दुर्भावना रखने वाले तथाकथित लोगों द्वारा पालक बनकर की जाने वाली झूठी एवं आधारहीन शिकायतों पर प्रशासन द्वारा की जाने वाली एक पक्षीय कार्यवाही पर रोक लगाई जाए।

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here